हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के प्रतिनिधि से बात करते हुए आयतुल्लाह मुहम्मद मुहम्मदी क़ाएमी ने हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा इमाम ख़ामेनई की शहादत पर संवेदना व्यक्त करते हुए कहाः यह एक बड़ी दुर्घटना है जो केवल ईरान या केवल शियो तक सीमित नही बल्कि तमाम मुस्लमानो से संबंध रखती है। इस्लामी गणतंत्र ईरान के लीडर और इस्लामी उम्मत के नेता की शहादत पूरे इस्लामी जगत का ग़म है बल्कि मुस्लमानो से भी बढ़ कर दुनिया के सभी आज़ादी पसंद इंसानो के लिए एक बड़ा सदमा है।
हौज़ा ए इल्मिया के अध्यापक ने कहाः इस्लामी क्रांति के सुप्रीम लीडर की शहादत तमाम इस्लामी उम्मत के लिए एक कड़वी मुसीबत है और यही कारण है कि विभिन्न देशो की ओर से चाहे वह इस्लामी हो या ग़ैर इस्लामी, इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। कई देशो मे विरोध प्रदर्शन, संवेदना सभाए और अज़ादीर आयोजित की गई यहा तक कि अमेरिका और यूरोप के कुछ देशो मे भी मोमेनीन ने विरोध प्रदर्शन किया है।
उन्होने आगे कहाः एक चतुर, सम्मानित और खुश नाम नेता जो आइम्मा ए अत्हार (अ) के वंशज थे और जिनकी निस्बत सय्यद अल शोहदा (अ) से थी, उन्हे अत्यंत निर्दया के साथ अमेरिका और इज़रायल ने निशाना बानाया। इस घटना पर कुछ समूहो की खुशी इस वाक्य की याद दिलाती है "फ़रेहत आले ज़्यादिन व आले मरवान बेक़त्लेहिम अल हुसैन अलैहिस्सलाम" अर्थात यह वही खुशी है "जिस प्रकार आले ज़्याद और आले मरवान ने इमाम हुसैन (अ) की शहादत पर खुशी मनाई थी"।
आयतुल्लाह मुहम्मदी क़ाएमी ने आशा व्यक्त की है कि अल्लाह तआला शीघ्र ही अत्यंत योग्य व्यक्ति को नेतृत्व की ज़िम्मेदारी सौपेंगा ताकि देश के मामलात बेहतर तरीक़े से चलते रहें और इस्लामी प्रणाली को तसलसुल अल्लाह के फ़ज़ल और करम से बर करार रहे।
इंशाल्लाह
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